सतना जिले में तेजी से बढ़ रहा साइबर अपराध है।
प्रो.किसलय सूर्यवंशी
सतना जिले में हाल ही में साइबर अपराध की गति तेजी से बढ़ रही है, अपराधी ठगी करने के नए नए तरीकों का उपयोग करके आम जन को वित्तीय नुकसान के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक रूप से पीड़ित किया जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (आई.टी ऐक्ट 2000) के दण्डनीय प्रावधानों को कठोर बनाया जाना चाहिए और तहसील स्तर में शिविर का आयोजन कर आम जन को जागरूक किया जाना चाहिए ।
प्रो.सूर्यवंशी जी का कहना है कि अपने पैसों के लेन-देन को विश्वसनीय बनाने के लिए प्रत्यक्ष तौर पर लेन-देन किया जाना चाहिए जिसमें वित्तीय या अन्य घातक नुकसान से बचा जा सके, पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं और बच्चों में साइबर अपराध ज्यादा पीड़ित हो रहें है। साइबर क्राइम जैसे साइबर स्टॉकिंग, साइबर बुलिंग, यौन उत्पीड़न, हैकिंग, फिशिंग, आदि अन्य अपराध शामिल हैं।प्रशासन को नए कदम उठाने की आवश्यकता है एवं टेक्नोलॉजी में हाई टेक होना पड़ेगा भारत में प्रचलित सभी दूरसंचार कंपनियों एवं बैंकों को अपने नियम कठोर करने पड़ेंगे हमें आपस में मिल कर खड़े होना पड़ेगा अन्यथा मैं आगाह करना चाहता हूँ की हम और हमारे बच्चों का भविष्य अंधकार में है।


